जैसे शरारती बच्चों के लिए

जैसे शरारती बच्चों के लिए
मक्खियाँ होती हैं,वैसे ही देवताओं के लिए हम होते हैं; वो अपने मनोरंजन के लिए हमें मारते हैं.
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