दर्द भी वही देते हैं

*दर्द भी वही देते हैं , जिन्हे हक दिया जाता हो...*

*वर्ना गैर तो धक्का लगने पर भी , माफी माँग लिया करते हैं...*
           
          *ये व्यक्तित्व
की गरिमा है*
    *कि फूल कुछ नही कहते*

*वरना कभी कांटों*
    *को मसलकर दिखाईये*....