जब हमें सबसे कम

जब हमें सबसे कम उम्मीद होती है , ज़िन्दगी हमारे साहस और बदलने की इच्छा का परिक्षण करने के लिए एक चुनौती देती है ; ऐसे समय
में , ऐसा दिखावा करने कि कुछ नहीं हुआ या ये कहने में कि हम अभी तैयार नहीं हैं का कोई मतलब नहीं है . चुनौती इंतज़ार नहीं करेगी . ज़िन्दगी पीछे नहीं देखती . एक हफ्ते का समय आवश्यकता से अधिक समय है ये तय करने के लिए कि हमें अपनी नियति स्वीकार है या नहीं .

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