मतभेद थे, हैं और हमेशा

मतभेद थे, हैं और हमेशा

रहेंगे. ऐसा कभी नहीं हो सकता कि आप मेरी सभी बातों से सहमत होंगे. ऐसा भी असंभव है कि मैं सिर्फ आपको खुश करने वाले शब्द ही बोलूं, पर मैंने इतने सालों में यही सीखा है कि मतभेदों को महत्त्व देकर नफ़रत पाल लेना, आक्रामक हो जाना, रिश्तों की तिलांजलि दे देना और संवाद को हमेशा के लिए खत्म कर देना बेवकूफी है.