Wednesday, August 15, 2018

गुज़र जाते हैं

,
*गुज़र जाते हैं
.....खूबसूरत लम्हें ....*
*यूं ही मुसाफिरों की तरह....*

यादें वहीं खडी रह जाती हैं .....
रूके रास्तों की तरह...

 एक *"उम्र"* के बाद *"उस उम्र"* की बातें *"उम्र भर"* याद आती हैं..

पर *"वह उम्र"* फिर *"उम्र भर"* नहीं आती..!!
🙏🏼🌷 *जय श्री राधे*🌷🙏🏼

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