Sunday, August 5, 2018

भीगने का अगर शौक हो*

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*"भीगने का अगर शौक हो*
                    *तो*
 *आकर अपने माता-पिता के*
        *चरणों में बैठ जाना"*
*"ये बादल तो कभी कभी*
           *बरसते है,*
*मगर माता-पिता की*
           *कृपा*
*हर पल बरसती है"*
‼💐🌺💐🌺💐🌺💐🌺‼
 *🙏🌺💐सुप्रभात🌺💐🙏*
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