Wednesday, August 15, 2018

हँसता हुआ मन*

,
*हँसता हुआ मन*
*और*
*हँसता हुआ चेहरा*
*यही सच्ची संपति
है....!!*

*✍🏻किसी ने गौतम बुद्ध से पूछा,"*
*आप बड़े है फिर भी नीचे बैठते है"*
*बहुत ही खूबसूरत जवाब दिया..*
*"नीचे बैठने वाला इंसान कभी गिरता नहीं.*."|।
*🙏🏻🌺🙏🏻शुभ प्रभात🙏🏻🌺🙏🏻*

0 coment�rios to “हँसता हुआ मन*”

Post a Comment

 

Shayaribazar Copyright © 2011 | Template design by O Pregador | Powered by Blogger Templates