Sunday, July 29, 2018

फितरत किसी की

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*फितरत किसी की*
*ना आजमाया कर ऐ जिंदगी*।

*हर शख्स अपनी हद में*
*बेहद लाजवाब होता है*..✍

.  *सुप्रभात*  ...🌹

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