Monday, July 16, 2018

ना थके कभी पैर

,
*ना थके कभी पैर*
*ना कभी हिम्मत हारी है*
*जज्बा है परिवर्तन का ज़िंदगी में*
*इसलिये सफर जारी है|*
      🌹🙏🏻🚶🏾‍♀🏃🏽‍♀🙏🏻🌹
 *"मन" सभी के पास होता है..*

       *मगर "मनोबल"*
*कुछ लोगों के पास ही होता है..*
    

0 coment�rios to “ना थके कभी पैर”

Post a Comment

 

Shayaribazar Copyright © 2011 | Template design by O Pregador | Powered by Blogger Templates