तारीफ़ अपने आपकी

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*तारीफ़ अपने आपकी*
*करना फ़िज़ूल है,*
*ख़ुशबू तो ख़ुद ही बता*
*देती है,कौन सा फ़ूल है*

*जरूरी नही की*
       *हर समय जुबा पर*
     *भगवान का नाम आये*❗

       *वो लम्हा भी भक्ति*
        *का होता है, जब*
  *इंसान-इंसान के काम आये*‼
     💐 *शुभप्रभात* 💐.