वृक्ष कभी इस बात

*वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए !* 

     *वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता  है।*

*जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर,  क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है !*
*सुप्रभात।प्रणाम🌺🌹🌺🌹🙏🙏*