जिन्दगीं को देखने का

*जिन्दगीं को देखने का*
              *सबका*
*अपना अपना नजरिया होता है*

*कुछ  लोग  भावना  में  ही*
*दिल की बात कह देते है,*
              *और...*
   *कुछ  लोग  गीता  पर  हाथ*
   *रख कर भी सच नहीं बोलते*

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