प्रसन्न व्यक्ति वह है, जो निरन्तर स्वयं का मूल्यांकन करते हुए सुधार करता है

✍🥀🥀
      *प्रसन्न व्यक्ति वह है, जो निरन्तर स्वयं का मूल्यांकन करते हुए सुधार करता है,,*
           *जबकि दुखी व्यक्ति वह है, जो सिर्फ दूसरों का मूल्याकंन करते हुए हर समय उनकी बुराई, आलोचना, निन्दा एवं ईर्ष्या करता है!!*
🔆🥀🥀
       *"ना किसी से ईर्ष्या",*
                  *"ना किसी से होड़"!*
        *"मेरी अपनी मंजिलें",*
                  *"मेरी अपनी दौड़ "!!*

Sponsored ads.

No comments

Powered by Blogger.